आख़िरी दाद राख ने दी थी

By fahmi-badayuniFebruary 5, 2024
आख़िरी दाद राख ने दी थी
मैं ने ग़ज़लों में आग दे दी थी
चाहे फूलों के भेस में ही सही
पहली आवाज़ आपने दी थी


वो नहीं जानता कि उस को भीख
मैं ने भी भीख माँग के दी थी
घर में दरवाज़ा भी नहीं था मिरे
उस ने दस्तक भी दूर से दी थी


आप तन्हा अगर नहीं थे तो
मेरी तन्हाई क्यों कुरेदी थी
71636 viewsghazalHindi