आँसू हमारा उस की हथेली पे आ गया
By wasim-nadirJanuary 5, 2024
आँसू हमारा उस की हथेली पे आ गया
शहज़ादा आज अपनी हवेली पे आ गया
कुछ फूल खिल गए ये ख़ुशी तो हुई मगर
इक साँप भी कहीं से चमेली पे आ गया
मोती जड़े थे जिस में हमारे यक़ीन के
वो हार कैसे तेरी सहेली पे आ गया
अब उस का हाथ छोड़ना मजबूरी है मिरी
ये 'इश्क़ भी 'अजीब पहेली पे आ गया
कल रात उस ने चूम लिया मेरे हाथ को
महताब आसमाँ से हथेली पे आ गया
शहज़ादा आज अपनी हवेली पे आ गया
कुछ फूल खिल गए ये ख़ुशी तो हुई मगर
इक साँप भी कहीं से चमेली पे आ गया
मोती जड़े थे जिस में हमारे यक़ीन के
वो हार कैसे तेरी सहेली पे आ गया
अब उस का हाथ छोड़ना मजबूरी है मिरी
ये 'इश्क़ भी 'अजीब पहेली पे आ गया
कल रात उस ने चूम लिया मेरे हाथ को
महताब आसमाँ से हथेली पे आ गया
17999 viewsghazal • Hindi