आप हमें क्या भूल गए हैं

By fahmi-badayuniFebruary 5, 2024
आप हमें क्या भूल गए हैं
हम तो जीना भूल गए हैं
करता है कमरे की सदारत
वो जो दुपट्टा भूल गए हैं


ग़म का मुस्तक़बिल रौशन है
बच्चे हँसना भूल गए हैं
कल की तरह फिर याद दिलाओ
हम कुछ कहना भूल गए हैं


आज उसी की सैर करेंगे
वो जो दुनिया भूल गए हैं
उन को मंज़िल ढूँड ही लेगी
घर का रस्ता भूल गए हैं


उन साज़ों को तोड़ ही देंगे
हम जो बजाना भूल गए हैं
उन को भूलने की कोशिश में
जाने क्या क्या भूल गए हैं


तुम से बातें करने वाले
बातें करना भूल गए हैं
78240 viewsghazalHindi