आरज़ूओं के समुंदर से निकल कर आए
By wasim-nadirJanuary 5, 2024
आरज़ूओं के समुंदर से निकल कर आए
ऐसा लगता है कि हम आग में जल कर आए
दिल के सहरा को सुलगते हुए मुद्दत गुज़री
कोई सैलाब भी आए तो सँभल कर आए
वो अगर ख़्वाब है आँखों में रहे बेहतर है
और हक़ीक़त है तो आँखों से निकल कर आए
हम को हालात ने शर्मिंदा किया इस हद तक
बारहा अपने ही घर भेस बदल कर आए
'अक़्ल कहती है तुझे तह में उतरना होगा
दिल ये कहता है गुहर आप उछल कर आए
ऐसा लगता है कि हम आग में जल कर आए
दिल के सहरा को सुलगते हुए मुद्दत गुज़री
कोई सैलाब भी आए तो सँभल कर आए
वो अगर ख़्वाब है आँखों में रहे बेहतर है
और हक़ीक़त है तो आँखों से निकल कर आए
हम को हालात ने शर्मिंदा किया इस हद तक
बारहा अपने ही घर भेस बदल कर आए
'अक़्ल कहती है तुझे तह में उतरना होगा
दिल ये कहता है गुहर आप उछल कर आए
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