अब यहीं से ज़वाल है उस का

By shahbaz-talibJanuary 5, 2024
अब यहीं से ज़वाल है उस का
वो ख़ुदा है ख़याल है उस का
उस के जैसी ही धूप है मुझ पर
मेरे जैसा ही हाल है उस का


वो तक़ाज़े करे है तन्हाई
घर में रहना मुहाल है उस का
कोई बुत ही जवाब देगा उसे
काफ़िराना सवाल है उस का


वक़्त-ए-रुख़्सत वो किस क़दर ख़ुश था
और बिछड़ कर जो हाल है उस का
उस बदन को पढ़ो तसल्ली से
मिसरा' मिसरा' कमाल है उस का


40280 viewsghazalHindi