बादल तेरी सूरत है
By rohit-gaur-ruuhJanuary 4, 2024
बादल तेरी सूरत है
बारिश तेरी सीरत है
बे-सुध मैं दिन-रात फिरूँ
तेरा 'इश्क़ बुरी लत है
साँसों पे इक नाम जपूँ
मन-मंदिर में मूरत है
मैं खोजूँ रोज़ाना ही
और न तुझ सी सूरत है
जब से है तुझ को जाना
हर पल ग़म की बरकत है
रोने से क्या हासिल 'रूह'
सिर्फ़ जिगर ही क़ीमत है
बारिश तेरी सीरत है
बे-सुध मैं दिन-रात फिरूँ
तेरा 'इश्क़ बुरी लत है
साँसों पे इक नाम जपूँ
मन-मंदिर में मूरत है
मैं खोजूँ रोज़ाना ही
और न तुझ सी सूरत है
जब से है तुझ को जाना
हर पल ग़म की बरकत है
रोने से क्या हासिल 'रूह'
सिर्फ़ जिगर ही क़ीमत है
77637 viewsghazal • Hindi