बाक़ी सब को हराना पड़ता है
By fahmi-badayuniFebruary 5, 2024
बाक़ी सब को हराना पड़ता है
उस को तन्हा जिताना पड़ता है
चादरें ये कहाँ समझती हैं
हम को क़द भी बढ़ाना पड़ता है
जो भी चाहे ख़रीद ले हम को
बस गले से लगाना पड़ता है
'इश्क़ में घर बनाने से पहले
घर का मलबा बनाना पड़ता है
प्यास आसानी से नहीं बनती
पहले दरिया बनाना पड़ता है
उस की हैरानी के बग़ैर हमें
क़िस्सा आगे बढ़ाना पड़ता है
रोज़ बाहर की छटपटाहट को
अपने अन्दर खपाना पड़ता है
उस को तन्हा जिताना पड़ता है
चादरें ये कहाँ समझती हैं
हम को क़द भी बढ़ाना पड़ता है
जो भी चाहे ख़रीद ले हम को
बस गले से लगाना पड़ता है
'इश्क़ में घर बनाने से पहले
घर का मलबा बनाना पड़ता है
प्यास आसानी से नहीं बनती
पहले दरिया बनाना पड़ता है
उस की हैरानी के बग़ैर हमें
क़िस्सा आगे बढ़ाना पड़ता है
रोज़ बाहर की छटपटाहट को
अपने अन्दर खपाना पड़ता है
81037 viewsghazal • Hindi