भरी महफ़िल में तन्हा देखना है
By fahmi-badayuniFebruary 5, 2024
भरी महफ़िल में तन्हा देखना है
उसे इस बार इतना देखना है
तिरी दुनिया से अब जाना पड़ेगा
ख़ुदा वाली भी दुनिया देखना है
अदाकारों के नख़रे लोग उठाएँ
हमें तो बस तमाशा देखना है
मिरी पहली नज़र लौटा दे मुझ को
तिरी जानिब दुबारा देखना है
नया क्या है मकाँ से ला-मकाँ तक
वही ख़ुद को दिखाना देखना है
मिरी दिलचस्पियाँ पर्वाज़ में हैं
उसे पिंजरे में चिड़िया देखना है
कहाँ पर क्यों भटक जाता हूँ आख़िर
तिरे कूचे का नक़्शा देखना है
नहीं मिलना है कुछ नज़रें उठा कर
हमें तो सिर्फ़ रस्ता देखना है
उसे इस बार इतना देखना है
तिरी दुनिया से अब जाना पड़ेगा
ख़ुदा वाली भी दुनिया देखना है
अदाकारों के नख़रे लोग उठाएँ
हमें तो बस तमाशा देखना है
मिरी पहली नज़र लौटा दे मुझ को
तिरी जानिब दुबारा देखना है
नया क्या है मकाँ से ला-मकाँ तक
वही ख़ुद को दिखाना देखना है
मिरी दिलचस्पियाँ पर्वाज़ में हैं
उसे पिंजरे में चिड़िया देखना है
कहाँ पर क्यों भटक जाता हूँ आख़िर
तिरे कूचे का नक़्शा देखना है
नहीं मिलना है कुछ नज़रें उठा कर
हमें तो सिर्फ़ रस्ता देखना है
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