बिगड़ती बात हमें ही बनानी पड़ती है
By abhishek-jainFebruary 5, 2024
बिगड़ती बात हमें ही बनानी पड़ती है
इसी लिए तो हक़ीक़त छुपानी पड़ती है
मियाँ ये 'इश्क़ है आसाँ नहीं समझना इसे
कि इस में जाँ की भी बाज़ी लगानी पड़ती है
कोई भटक न सके मारा मारा दुनिया में
वफ़ा की राह हमें ही दिखानी पड़ती है
हुनर की क़द्र कहाँ करता है जहाँ अब तो
यहाँ पे अपनी ही क़ीमत घटानी पड़ती है
मोहब्बतों का निभाना कभी न कम जानो
कि अपनी दाव पे 'इज़्ज़त लगानी पड़ती है
इसी लिए तो हक़ीक़त छुपानी पड़ती है
मियाँ ये 'इश्क़ है आसाँ नहीं समझना इसे
कि इस में जाँ की भी बाज़ी लगानी पड़ती है
कोई भटक न सके मारा मारा दुनिया में
वफ़ा की राह हमें ही दिखानी पड़ती है
हुनर की क़द्र कहाँ करता है जहाँ अब तो
यहाँ पे अपनी ही क़ीमत घटानी पड़ती है
मोहब्बतों का निभाना कभी न कम जानो
कि अपनी दाव पे 'इज़्ज़त लगानी पड़ती है
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