छोटी सी बात पर तिरा लहजा बदल गया
By umair-ali-anjumJanuary 5, 2024
छोटी सी बात पर तिरा लहजा बदल गया
तू देखते ही देखते कैसा बदल गया
क्यों इख़्तिलाफ़-ए-राय ने तहज़ीब छीन ली
ये क्या कि गुफ़्तुगू का क़रीना बदल गया
खंडरात में बदल गया हर रास्ता यहाँ
और काग़ज़ों में शहर का नक़्शा बदल गया
कितनी सहूलतें हमें हासिल थीं क़ैद में
थोड़ा सा फड़फड़ाए तो पिंजरा बदल गया
जब मैं किसी के साथ हुआ उस के रू-ब-रू
मुझ से तो आइने का रवय्या बदल गया
पहले सा आज कुछ भी नहीं है 'उमैर' में
अब आए हो कि जब मिरा हुलिया बदल गया
तू देखते ही देखते कैसा बदल गया
क्यों इख़्तिलाफ़-ए-राय ने तहज़ीब छीन ली
ये क्या कि गुफ़्तुगू का क़रीना बदल गया
खंडरात में बदल गया हर रास्ता यहाँ
और काग़ज़ों में शहर का नक़्शा बदल गया
कितनी सहूलतें हमें हासिल थीं क़ैद में
थोड़ा सा फड़फड़ाए तो पिंजरा बदल गया
जब मैं किसी के साथ हुआ उस के रू-ब-रू
मुझ से तो आइने का रवय्या बदल गया
पहले सा आज कुछ भी नहीं है 'उमैर' में
अब आए हो कि जब मिरा हुलिया बदल गया
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