दीद का इश्तियाक़ थोड़ी है
By faisal-qadri-gunnauriJanuary 2, 2024
दीद का इश्तियाक़ थोड़ी है
उस को रंज-ए-फ़िराक़ थोड़ी है
मेरी क़िस्मत से वो मिले हैं मुझे
ये कोई इत्तिफ़ाक़ थोड़ी है
शम'-ए-उल्फ़त जलाओगे कैसे
मेरा दिल कोई ताक़ थोड़ी है
उन से कुछ इख़्तिलाफ़ है लेकिन
मेरा ज़ाती निफ़ाक़ थोड़ी है
फ़ख़्र से बात सच्ची कहता हूँ
इस में कुछ इस्तिराक़ थोड़ी है
हर्फ़ चुन चुन के लाइए 'फ़ैसल'
शा'इरी है मज़ाक़ थोड़ी है
उस को रंज-ए-फ़िराक़ थोड़ी है
मेरी क़िस्मत से वो मिले हैं मुझे
ये कोई इत्तिफ़ाक़ थोड़ी है
शम'-ए-उल्फ़त जलाओगे कैसे
मेरा दिल कोई ताक़ थोड़ी है
उन से कुछ इख़्तिलाफ़ है लेकिन
मेरा ज़ाती निफ़ाक़ थोड़ी है
फ़ख़्र से बात सच्ची कहता हूँ
इस में कुछ इस्तिराक़ थोड़ी है
हर्फ़ चुन चुन के लाइए 'फ़ैसल'
शा'इरी है मज़ाक़ थोड़ी है
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