दुख कितने हैं ग़म कितने हैं आलाम कितने हैं

By syed-zia-husainJanuary 5, 2024
दुख कितने हैं ग़म कितने हैं आलाम कितने हैं
ऐ 'इश्क़ तिरे आज भी इकराम हैं कितने
आँसू भी हैं आहें भी हैं जगराते भी यारो
इक छोटे से जीवन पे ये इन'आम हैं कितने


उल्फ़त कहो चाहत कहो या 'इश्क़ कहो तो
बस एक मोहब्बत है मगर नाम हैं कितने
मेरी हो नहीं हो या हो तुम और किसी की
इक आँख की जुंबिश में ही इबहाम कितने


तू है कि नहीं है जो कहीं है तो कहाँ है
कुछ ज़ेहनों में बैठे हुए औहाम हैं कितने
करता हूँ बज़ाहिर तो फ़क़त एक की पूजा
मत पूछो कि दिल में मिरे असनाम हैं कितने


65683 viewsghazalHindi