दुनिया से निराले हैं ये अंदाज़ हया के
By raft-bahraichiJanuary 4, 2024
दुनिया से निराले हैं ये अंदाज़ हया के
वो मुझ को छुपाते हैं तसव्वुर में भी आ के
रह जाएँगे दुनिया में बहुत तज़्किरे बाक़ी
कुछ मेरी वफ़ा कुछ मिरे क़ातिल की जफ़ा के
गुमराह रह-ए-'इश्क़ में घबराए हैं ऐसे
लेते हैं क़दम दौड़ के हर राह-नुमा के
सर को जो गिराया भी तो उस बुत के क़दम पर
एहसान मिरे सर पे मिरी लग़्ज़िश-ए-पा के
'राफ़त' हमें फ़िरदौस में जागीर मिलेगी
मद्दाह अज़ल से हैं शह-ए-अर्ज़-ओ-समा के
वो मुझ को छुपाते हैं तसव्वुर में भी आ के
रह जाएँगे दुनिया में बहुत तज़्किरे बाक़ी
कुछ मेरी वफ़ा कुछ मिरे क़ातिल की जफ़ा के
गुमराह रह-ए-'इश्क़ में घबराए हैं ऐसे
लेते हैं क़दम दौड़ के हर राह-नुमा के
सर को जो गिराया भी तो उस बुत के क़दम पर
एहसान मिरे सर पे मिरी लग़्ज़िश-ए-पा के
'राफ़त' हमें फ़िरदौस में जागीर मिलेगी
मद्दाह अज़ल से हैं शह-ए-अर्ज़-ओ-समा के
25409 viewsghazal • Hindi