फ़ज़ा बेहतर बनाना चाहती है

By chand-kakralviJanuary 19, 2024
फ़ज़ा बेहतर बनाना चाहती है
कली अब मुस्कुराना चाहती है
खुला रहता है दरवाज़ा भी लेकिन
हवा खिड़की से आना चाहती है


'अजब दीमक है मिट्टी में यहाँ की
नए पौदों को खाना चाहती है
मिला करते थे जिस पर दो परिंदे
वो शाख़ अब सूख जाना चाहती है


67948 viewsghazalHindi