हमारे घाव कभी हम को भी दिखाई दें

By aftab-shahFebruary 23, 2025
हमारे घाव कभी हम को भी दिखाई दें
'इलाज ऐसा करो ख़ुद को हम सुनाई दें
कोई तबीब भी चारागरी पे राज़ी नहीं
मज़ार-ए-ज़ीस्त पे अब किस को हम दुहाई दें


मुकर गया है मिरा यार अपने वा'दे से
मुबारकी में उसे क्यों न हम मिठाई दें
वफ़ा का सुनते ही कुछ लोग मुझ से कहते हैं
जनाब आप भी इस की कभी सफ़ाई दें


ये क्या कि फ़ैज़ तिरा औरों में ही बटता है
कभी तो नैन तिरे हम को भी रसाई दें
78578 viewsghazalHindi