हमें ये 'इश्क़ हिजाबी बना के रखना है
By amir-masoodFebruary 5, 2024
हमें ये 'इश्क़ हिजाबी बना के रखना है
बदन की भूक से दूरी बना के रखना है
ज़रा सी बात थी और उस ने तोड़ दी तख़्ती
वो कह रहा है उदासी बना के रखना है
न जाने कौन से लम्हे में थाम ले हम को
हमें तो ख़ुद को हथेली बना के रखना है
हुक़ूक़ सब के निभाने हैं हम को दुनिया में
हमें तो माँ को भी रानी बना के रखना है
हमारी जंग है अपनों से रो नहीं सकते
हमें इन आँखों को ज़िद्दी बना के रखना है
बदन की भूक से दूरी बना के रखना है
ज़रा सी बात थी और उस ने तोड़ दी तख़्ती
वो कह रहा है उदासी बना के रखना है
न जाने कौन से लम्हे में थाम ले हम को
हमें तो ख़ुद को हथेली बना के रखना है
हुक़ूक़ सब के निभाने हैं हम को दुनिया में
हमें तो माँ को भी रानी बना के रखना है
हमारी जंग है अपनों से रो नहीं सकते
हमें इन आँखों को ज़िद्दी बना के रखना है
61276 viewsghazal • Hindi