हिज्र में वस्ल के इम्कान बना सकते हैं
By asima-farazJanuary 2, 2024
हिज्र में वस्ल के इम्कान बना सकते हैं
ख़ुद को ढूँडें तो तिरी ज़ात को पा सकते हैं
गर कोई हम से कहे शे'र सुना उस पर तो
एक ही साँस में दीवान सुना सकते हैं
इस मोहब्बत में अज़िय्यत है कई बरसों की
आप चाहें तो अभी छोड़ के जा सकते हैं
दिल किसी बात पे होता नहीं माइल-ब-करम
सोच लीजे किसी पत्थर से निभा सकते हैं
आप लगते हैं मुसाफ़िर मुझे आसानी के
साथ चलने में हो मुश्किल तो बता सकते हैं
ज़िंदगी में नहीं करते हैं मुदावा ग़म का
हम जनाज़ों को ही कंधों पे उठा सकते हैं
करने आए हैं इज़ाला मिरे दुख का लेकिन
वक़्त जो बीत गया मोड़ के ला सकते हैं
ख़ुद को ढूँडें तो तिरी ज़ात को पा सकते हैं
गर कोई हम से कहे शे'र सुना उस पर तो
एक ही साँस में दीवान सुना सकते हैं
इस मोहब्बत में अज़िय्यत है कई बरसों की
आप चाहें तो अभी छोड़ के जा सकते हैं
दिल किसी बात पे होता नहीं माइल-ब-करम
सोच लीजे किसी पत्थर से निभा सकते हैं
आप लगते हैं मुसाफ़िर मुझे आसानी के
साथ चलने में हो मुश्किल तो बता सकते हैं
ज़िंदगी में नहीं करते हैं मुदावा ग़म का
हम जनाज़ों को ही कंधों पे उठा सकते हैं
करने आए हैं इज़ाला मिरे दुख का लेकिन
वक़्त जो बीत गया मोड़ के ला सकते हैं
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