हम ऐसे लोग तिरा दर तलाश करते हैं

By atif-raisJanuary 2, 2024
हम ऐसे लोग तिरा दर तलाश करते हैं
फिर उस के बा'द मुक़द्दर तलाश करते हैं
भटकते फिरते हैं दुनिया में ज़िंदगी की तरह
ब-वक़्त-ए-शाम मगर घर तलाश करते हैं


तुम्हारे साथ मयस्सर थी हर ख़ुशी हम को
तुम्हारे बा'द तो अक्सर तलाश करते हैं
बिखर सी जाती है ये ज़िंदगी जहाँ अक्सर
नज़र को ऐसे ही मंज़र तलाश करते हैं


तलाश में नहीं होंगे ये कामयाब कभी
यहाँ जो तुझ से भी बेहतर तलाश करते हैं
ये गाँव उस की जुदाई में है बहुत ग़मगीं
सो उस को शहर में जा कर तलाश करते हैं


82500 viewsghazalHindi