हम अपने आँसुओं का अफ़्साना क्या सुनाएँ

By ahmad-farazJanuary 1, 2024
हम अपने आँसुओं का अफ़्साना क्या सुनाएँ
दुनिया ने कर दिया है दीवाना क्या सुनाएँ
सब ज़ख़्म भर चुके हैं सब ख़्वाब मर चुके हैं
अब किस उमीद पर हम शम'एँ नई जलाएँ


इन कश्तियों का क्या है अक्सर यही हुआ है
तूफ़ान से निकल कर साहिल पे डूब जाएँ
कब साथ 'उम्र भर का हम दिल-ज़दा ने चाहा
पर हम-सफ़र हमारे कुछ दूर तक तो आएँ


58967 viewsghazalHindi