हम को रस्ता बता के लौट गए
By fahmi-badayuniFebruary 5, 2024
हम को रस्ता बता के लौट गए
हम-सफ़र मुस्कुरा के लौट गए
वो जो कहते थे घर बनाएँगे
सिर्फ़ नक़्शा बना के लौट गए
रात भर आँधियाँ चलीं घर में
तुम तो पर्दे हिला के लौट गए
नब्ज़ पर उँगलियाँ नहीं रक्खीं
सब दवाएँ बता के लौट गए
जो ख़ुदा से मिलाने आए थे
वो ख़ुदा से डरा के लौट गए
होंठ तो हिल रहे थे रात उन के
क्या पता क्या बता के लौट गए
हम-सफ़र मुस्कुरा के लौट गए
वो जो कहते थे घर बनाएँगे
सिर्फ़ नक़्शा बना के लौट गए
रात भर आँधियाँ चलीं घर में
तुम तो पर्दे हिला के लौट गए
नब्ज़ पर उँगलियाँ नहीं रक्खीं
सब दवाएँ बता के लौट गए
जो ख़ुदा से मिलाने आए थे
वो ख़ुदा से डरा के लौट गए
होंठ तो हिल रहे थे रात उन के
क्या पता क्या बता के लौट गए
84364 viewsghazal • Hindi