इस इम्तिहाँ में भी पूरा उतर गया हर शख़्स
By islam-parvezJanuary 3, 2024
इस इम्तिहाँ में भी पूरा उतर गया हर शख़्स
ख़ुद अपने ख़ूँ में नहा कर निखर गया हर शख़्स
न जाने कौन सी आहट पे डर गया हर शख़्स
ये क्या हुआ कि अचानक बिखर गया हर शख़्स
फ़सुर्दा शाम में यूँ रेंगते हैं सन्नाटे
कि जैसे मौत से पहले ही मर गया हर शख़्स
अँधेरी रात में अंजान सिसकियों की सदा
जो आई कानों में यक-लख़्त डर गया हर शख़्स
दिखाई देता नहीं दूर दूर तक कोई
मैं किस से पूछूँ कि आख़िर किधर गया हर शख़्स
मिरे ख़याल में 'परवेज़' ये भी ठीक हुआ
ख़ुद अपनी ज़ात की तह में उतर गया हर शख़्स
ख़ुद अपने ख़ूँ में नहा कर निखर गया हर शख़्स
न जाने कौन सी आहट पे डर गया हर शख़्स
ये क्या हुआ कि अचानक बिखर गया हर शख़्स
फ़सुर्दा शाम में यूँ रेंगते हैं सन्नाटे
कि जैसे मौत से पहले ही मर गया हर शख़्स
अँधेरी रात में अंजान सिसकियों की सदा
जो आई कानों में यक-लख़्त डर गया हर शख़्स
दिखाई देता नहीं दूर दूर तक कोई
मैं किस से पूछूँ कि आख़िर किधर गया हर शख़्स
मिरे ख़याल में 'परवेज़' ये भी ठीक हुआ
ख़ुद अपनी ज़ात की तह में उतर गया हर शख़्स
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