इस तरह मत अपनी तन्हाई को ज़ाए' कीजिए

By salim-saleemJanuary 4, 2024
इस तरह मत अपनी तन्हाई को ज़ाए' कीजिए
अपने 'आशिक़ को ज़रा घर पर बुलाया कीजिए
छू के कर दीजे हमें ग़ाएब जहान-ए-ख़ाक से
जो हक़ीक़त है उसे इक दिन किनाया कीजिए


क़त्ल कीजे शौक़ से हम को सर-ए-बाज़ार आप
और हमारी ना'श गलियों में फिराया कीजिए
आप की दहलीज़ पर बैठा हुआ राही हूँ मैं
इक ज़रा घर से निकलिए और साया कीजिए


लफ़्ज़ और इज़हार के सारे वसाइल आप के
अब हमारे पास जो कुछ है पराया कीजिए
आप के आने से हम आते हैं अपने आप में
इक करम कीजे हमारे पास आया कीजिए


धूप की शिद्दत में सारा हुस्न कुम्हला जाएगा
खोलिए ज़ुल्फ़ों को और चेहरे पे साया कीजिए
16776 viewsghazalHindi