जिसे अपना समझते थे वही अपना नहीं निकला

By devesh-dixitFebruary 5, 2024
जिसे अपना समझते थे वही अपना नहीं निकला
यही दिल से हमारे 'उम्र-भर काँटा नहीं निकला
बहुत नज़दीक से ख़ुद-ग़र्ज़ दुनिया देख ली हम ने
जिसे जैसा समझते थे वही वैसा नहीं निकला


वो धोका था नज़र का हम जिसे सोना समझते थे
परखने पे वो सोना क्या खरा काँसा नहीं निकला
ज़बानें सख़्त हैं जिन की वो दिल के साफ़ होते हैं
कोई भी शख़्स मीठा आज तक अच्छा नहीं निकला


60287 viewsghazalHindi