जो ग़लत है वो सही हो जाएगा
By shyam-vashishtha-shahidJanuary 5, 2024
जो ग़लत है वो सही हो जाएगा
आदमी जब आदमी हो जाएगा
गर समंदर की तरफ़ चलता रहा
बहते बहते तू नदी हो जाएगा
वक़्त की शाख़ों से जो टूटा नहीं
वो हर इक लम्हा सदी हो जाएगा
काम तेरा रुक गया तो फ़िक्र क्या
अब नहीं तो फिर कभी हो जाएगा
जो समय की ताल का सुर बन गया
वो समय की बाँसुरी हो जाएगा
ज़िंदगी की क़द्र करना सीख ले
तू किसी की ज़िंदगी हो जाएगा
आदमी जब आदमी हो जाएगा
गर समंदर की तरफ़ चलता रहा
बहते बहते तू नदी हो जाएगा
वक़्त की शाख़ों से जो टूटा नहीं
वो हर इक लम्हा सदी हो जाएगा
काम तेरा रुक गया तो फ़िक्र क्या
अब नहीं तो फिर कभी हो जाएगा
जो समय की ताल का सुर बन गया
वो समय की बाँसुरी हो जाएगा
ज़िंदगी की क़द्र करना सीख ले
तू किसी की ज़िंदगी हो जाएगा
79606 viewsghazal • Hindi