कहीं से जब कोई आवाज़ आई
By fahmi-badayuniFebruary 5, 2024
कहीं से जब कोई आवाज़ आई
मैं ये समझा तिरी आवाज़ आई
वहाँ तक हम ने दीवारें गिरा दीं
जहाँ तक आप की आवाज़ आई
हुआ होगा कहीं पर शोर कोई
हमें तो बस तिरी आवाज़ आई
कहा मैं ने ज़रा पानी पिला दे
कुएँ से भी यही आवाज़ आई
समा'अत पर जुनूँ था इतना हावी
जो सोची थी वही आवाज़ आई
उसी की गूँज है मेरी ख़मोशी
तिरी जो आख़िरी आवाज़ आई
अचानक रात में भी चौंक उठ्ठा
बहुत दिन में मिरी आवाज़ आई
मैं ये समझा तिरी आवाज़ आई
वहाँ तक हम ने दीवारें गिरा दीं
जहाँ तक आप की आवाज़ आई
हुआ होगा कहीं पर शोर कोई
हमें तो बस तिरी आवाज़ आई
कहा मैं ने ज़रा पानी पिला दे
कुएँ से भी यही आवाज़ आई
समा'अत पर जुनूँ था इतना हावी
जो सोची थी वही आवाज़ आई
उसी की गूँज है मेरी ख़मोशी
तिरी जो आख़िरी आवाज़ आई
अचानक रात में भी चौंक उठ्ठा
बहुत दिन में मिरी आवाज़ आई
47066 viewsghazal • Hindi