कहनी है कोई बात तो मुझ से कहा करें

By ahmad-ayazFebruary 24, 2025
कहनी है कोई बात तो मुझ से कहा करें
हर 'आम-ओ-ताम से न मिरा तज़्किरा करें
कहती है शब-नवर्दी कि तन्हा गुज़ारें रात
तन्हाई कह रही है चलो राब्ता करें


बाशिंदगान-ए-शहर हैं पहले से बद-गुमान
राई को धुन के और न पर्बत खड़ा करें
बहरूपियों के शहर में खोया है मेरा दोस्त
मर्दुम-शनास जो भी हैं चल कर पता करें


ज़िंदान-ए-इश्तियाक़ में जिस ने गुज़ारी है
आँखों को उस के चूम लें पंछी रिहा करें
बैठा है एक वहशी परिंदा जो पेड़ पर
वो चाहता है रूह को तन से जुदा करें


हम को उदासियों से परे और भी हैं काम
क्यूँकर दरून-ए-ज़ात से हर दम लड़ा करें
27178 viewsghazalHindi