कैसे ख़ुद ही कहूँ कि क्या हूँ मैं

By aditya-tiwari-shamsFebruary 22, 2025
कैसे ख़ुद ही कहूँ कि क्या हूँ मैं
तुम कहो तुम को क्या लगा हूँ मैं
अब के जब होश आ गया मुझ को
उन के कूचे से जा रहा हूँ मैं


नींद में ख़्वाब देखते हैं सब
ख़्वाब में नींद देखता हूँ मैं
तुम तो मेरे लिए खड़े होते
तुम को मा'लूम था न क्या हूँ मैं


'शम्स' दैर-ओ-हरम की बस्ती में
एक ही मै-कदा बचा हूँ मैं
53003 viewsghazalHindi