कौन समझता है रस्तों का ख़ाली-पन

By surender-sagarJanuary 5, 2024
कौन समझता है रस्तों का ख़ाली-पन
मंज़िल देख रही क़दमों का ख़ाली-पन
एक कहानी झेल नहीं सकती अक्सर
उस के अच्छे किरदारों का ख़ाली-पन


कोई दहशत पाँव पसारे बैठी है
देख रहा हूँ इन गलियों का ख़ाली-पन
मय-ख़ानों को रास नहीं आता अक्सर
मय-ख़ानों में पैमानों का ख़ाली-पन


कोई तितली है न कोई भँवरा है
माली देख रहा बाग़ों का ख़ाली-पन
91428 viewsghazalHindi