कौन समझेगा भला याँ एक दुखियारे का दुख
By mustafa-adeebJanuary 4, 2024
कौन समझेगा भला याँ एक दुखियारे का दुख
किस को फ़ुर्सत है सुने वो मुझ से बंजारे का दुख
हालत-ए-दिल रू-ब-रू उस के बयाँ जूँही करूँ
काश वो समझे उसी लम्हे में बेचारे का दुख
ढोल पीटा जा रहा है 'अह्द की तौक़ीर का
कौन समझे इस सदी के डूबते तारे का दुख
मुझ को अंदाज़ा नहीं है वुस’अत-ए-अफ़्लाक का
पर सुना है 'अर्श तक जाता है दिल-हारे का दुख
किस को फ़ुर्सत है सुने वो मुझ से बंजारे का दुख
हालत-ए-दिल रू-ब-रू उस के बयाँ जूँही करूँ
काश वो समझे उसी लम्हे में बेचारे का दुख
ढोल पीटा जा रहा है 'अह्द की तौक़ीर का
कौन समझे इस सदी के डूबते तारे का दुख
मुझ को अंदाज़ा नहीं है वुस’अत-ए-अफ़्लाक का
पर सुना है 'अर्श तक जाता है दिल-हारे का दुख
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