क्यों क़फ़स में इधर-उधर देखें
By fahmi-badayuniFebruary 5, 2024
क्यों क़फ़स में इधर-उधर देखें
अब कोई और रहगुज़र देखें
घिर गए हैं निशाना-बाज़ों में
तीर देखें कि अपना सर देखें
इस तरह देख दूर जाते हुए
हम तिरी राह 'उम्र भर देखें
बंद कमरे में सिर्फ़ हम ही हैं
किस भरोसे इधर-उधर देखें
रेत पर क्यों तड़पती है मछली
आओ दरिया में डूब कर देखें
अब किसी रात शह्र में उस के
कैसे फिरते हैं दर-ब-दर देखें
अपने मलबे को मुँह दिखाना है
ग़ौर से पहले उस का घर देखें
अब कोई और रहगुज़र देखें
घिर गए हैं निशाना-बाज़ों में
तीर देखें कि अपना सर देखें
इस तरह देख दूर जाते हुए
हम तिरी राह 'उम्र भर देखें
बंद कमरे में सिर्फ़ हम ही हैं
किस भरोसे इधर-उधर देखें
रेत पर क्यों तड़पती है मछली
आओ दरिया में डूब कर देखें
अब किसी रात शह्र में उस के
कैसे फिरते हैं दर-ब-दर देखें
अपने मलबे को मुँह दिखाना है
ग़ौर से पहले उस का घर देखें
71241 viewsghazal • Hindi