लगती नहीं है गर्मी-सर्दी
By fahmi-badayuniFebruary 5, 2024
लगती नहीं है गर्मी-सर्दी
पहन के देखो क़ैस की वर्दी
आईनों से पूछ रहा हूँ
कैसे मिटे चेहरे की ज़र्दी
ख़ाली बर्तन बजने लगे थे
मैं ने सब में मिट्टी भर दी
पंख कतर देता चिड़िया के
तू ने तो गर्दन ही कतर दी
हम तो दीवाने हैं तेरे
दीवानों से क्या हमदर्दी
दाना था तो चुप रहता था
तू ने सदा पागल हो कर दी
मैं तो ख़ुद ही मरने को था
चारागरों ने जल्दी कर दी
पहन के देखो क़ैस की वर्दी
आईनों से पूछ रहा हूँ
कैसे मिटे चेहरे की ज़र्दी
ख़ाली बर्तन बजने लगे थे
मैं ने सब में मिट्टी भर दी
पंख कतर देता चिड़िया के
तू ने तो गर्दन ही कतर दी
हम तो दीवाने हैं तेरे
दीवानों से क्या हमदर्दी
दाना था तो चुप रहता था
तू ने सदा पागल हो कर दी
मैं तो ख़ुद ही मरने को था
चारागरों ने जल्दी कर दी
92901 viewsghazal • Hindi