लुत्फ़ फ़रमा सको तो आ जाओ

By saifuddin-saifFebruary 2, 2024
लुत्फ़ फ़रमा सको तो आ जाओ
आज भी आ सको तो आ जाओ
अपनी वुसअ'त में खो चुका हूँ मैं
राह दिखला सको तो आ जाओ


अब वो दिल ही नहीं वो ग़म ही नहीं
आरज़ू ला सको तो आ जाओ
ग़म-गुसारो बहुत उदास हूँ मैं
आज बहला सको तो आ जाओ


फ़ुर्सत-ए-नामा-ओ-पयाम कहाँ
अब तुम्ही आ सको तो आ जाओ
वो रही 'सैफ़' मंज़िल-ए-हस्ती
दो क़दम आ सको तो आ जाओ


97513 viewsghazalHindi