मैं परेशान हूँ नए घर से

By ikram-arfiJanuary 3, 2024
मैं परेशान हूँ नए घर से
सारे दरवाज़े लगते हैं सर से
क़र्तबा तो बना नहीं सकता
दिल बनाता हूँ संग-ए-मरमर से


जो गरजते हैं वो बरसते नहीं
जो गरजते थे आज वो बरसे
मुख़्तसर ये कि ख़ानमाँ-बर्बाद
बिस्तरों में क़ियाम को तरसे


मैं ने तोता बदल लिया 'इकराम'
सुरमई रंग के कबूतर से
74433 viewsghazalHindi