मौत का फ़ल्सफ़ा नहीं होता
By shad-nimbahediJanuary 5, 2024
मौत का फ़ल्सफ़ा नहीं होता
कौन है जो फ़ना नहीं होता
लब से तुम ने जो कुछ कहा होता
दरमियाँ फ़ासला नहीं होता
'इश्क़ होता अकेला दुनिया में
हुस्न से जो मिला नहीं होता
तुम भी इज़हार कर के देखो तो
'इश्क़ में क़ाएदा नहीं होता
जो रग-ए-जाँ में बस गया है वो
दिल से अक्सर जुदा नहीं होता
'शाद' मुमकिन नहीं बताएँ क्या
'इश्क़ का ज़ाइचा नहीं होता
कौन है जो फ़ना नहीं होता
लब से तुम ने जो कुछ कहा होता
दरमियाँ फ़ासला नहीं होता
'इश्क़ होता अकेला दुनिया में
हुस्न से जो मिला नहीं होता
तुम भी इज़हार कर के देखो तो
'इश्क़ में क़ाएदा नहीं होता
जो रग-ए-जाँ में बस गया है वो
दिल से अक्सर जुदा नहीं होता
'शाद' मुमकिन नहीं बताएँ क्या
'इश्क़ का ज़ाइचा नहीं होता
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