मेरी आँखों को नए ख़्वाब दिखाने वाले

By hiralal-yadav-hiraJanuary 3, 2024
मेरी आँखों को नए ख़्वाब दिखाने वाले
दिल में भी आ जा निगाहों में समाने वाले
हैं बहुत ही यहाँ चलते को गिराने वाले
आदमी कम हैं यहाँ साथ निभाने वाले


दिल में क्या है ये कभी खुल के बयाँ भी कर दो
देख कर मुझ को निगाहों को झुकाने वाले
जानता हूँ मैं हक़ीक़त जो तिरे दिल में है
प्यार में घोल मुझे ज़हर पिलाने वाले


माँगती हैं ये दु'आ रब से वफ़ाएँ मेरी
तू भी तड़पे मिरी चाहत को भुलाने वाले
क्या तुझे अपनी जफ़ाओं की ख़बर है कुछ भी
मुझ पे इल्ज़ाम जफ़ाओं का लगाने वाले


आ तिरे दिल में मोहब्बत का उजाला भर दूँ
देख चेहरे को मिरे 'ईद मनाने वाले
याद आएँगी तुझे जब भी वफ़ाएँ मेरी
तू भी रोएगा मिरे दिल को रुलाने वाले


अब तो रस्मन ही यहाँ लोग मिला करते हैं
दिल मिलाते ही नहीं हाथ मिलाने वाले
ज़िंदगी सुख की तसल्ली मैं तुझे कैसे दूँ
लूट कर ले गए जब चैन ज़माने वाले


ख़्वाब महलों के नहीं हम हैं सजाते 'हीरा'
हम तो इंसान हैं बस खाने-कमाने वाले
66352 viewsghazalHindi