मिरी हयात को यूँ पाएमाल उस ने किया
By umair-ali-anjumJanuary 5, 2024
मिरी हयात को यूँ पाएमाल उस ने किया
कि मेरा दर्द से रिश्ता बहाल उस ने किया
वो बेवफ़ाई को कार-ए-कमाल कहता था
फिर एक रोज़ ये कार-ए-कमाल उस ने किया
शिकार-ए-हिज्र मुझे कर गया वो इक पल में
कि मेरी ज़ीस्त के पल-पल को साल उस ने किया
जवाब कोई भी जब बन नहीं सका उस से
मिरे सवाल पे उल्टा सवाल उस ने किया
छुरी को तेज़ बहुत तेज़ कर के लाया वो
'अजीब ढंग से मेरा ख़याल उस ने किया
'उमैर' उस से फ़रावानियाँ जो माँगीं तो
जुदाइयों से मुझे माला-माल उस ने किया
कि मेरा दर्द से रिश्ता बहाल उस ने किया
वो बेवफ़ाई को कार-ए-कमाल कहता था
फिर एक रोज़ ये कार-ए-कमाल उस ने किया
शिकार-ए-हिज्र मुझे कर गया वो इक पल में
कि मेरी ज़ीस्त के पल-पल को साल उस ने किया
जवाब कोई भी जब बन नहीं सका उस से
मिरे सवाल पे उल्टा सवाल उस ने किया
छुरी को तेज़ बहुत तेज़ कर के लाया वो
'अजीब ढंग से मेरा ख़याल उस ने किया
'उमैर' उस से फ़रावानियाँ जो माँगीं तो
जुदाइयों से मुझे माला-माल उस ने किया
71592 viewsghazal • Hindi