मुझे छोड़ कर ख़ुश हो तो ख़ुश रहो
By surender-sagarJanuary 5, 2024
मुझे छोड़ कर ख़ुश हो तो ख़ुश रहो
मिरे बिन अगर ख़ुश हो तो ख़ुश रहो
ये दिन के उजाले चुभेंगे बहुत
अगर रात-भर ख़ुश हो तो ख़ुश रहो
ग़मों से भरी ज़िंदगी में भी तुम
कभी मुख़्तसर ख़ुश हो तो ख़ुश रहो
मुझे बस तुम्हारी ख़ुशी चाहिए
अगर तुम उधर ख़ुश हो तो ख़ुश रहो
दु'आएँ मिलेंगी तुम्हें 'उम्र-भर
रक़ीबों के घर ख़ुश हो तो ख़ुश रहो
किनारों से 'सागर' को क्या देखना
अगर डूब कर ख़ुश हो तो ख़ुश रहो
मिरे बिन अगर ख़ुश हो तो ख़ुश रहो
ये दिन के उजाले चुभेंगे बहुत
अगर रात-भर ख़ुश हो तो ख़ुश रहो
ग़मों से भरी ज़िंदगी में भी तुम
कभी मुख़्तसर ख़ुश हो तो ख़ुश रहो
मुझे बस तुम्हारी ख़ुशी चाहिए
अगर तुम उधर ख़ुश हो तो ख़ुश रहो
दु'आएँ मिलेंगी तुम्हें 'उम्र-भर
रक़ीबों के घर ख़ुश हो तो ख़ुश रहो
किनारों से 'सागर' को क्या देखना
अगर डूब कर ख़ुश हो तो ख़ुश रहो
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