नहीं आते हैं हम अपनी समझ में

By fahmi-badayuniFebruary 5, 2024
नहीं आते हैं हम अपनी समझ में
तो कैसे आएँगे सब की समझ में
जिसे आता न हो पानी समझ में
उसे क्या आएगी मछली समझ में


मैं अपने नाम की तख़्ती नहीं हूँ
कि जो आ जाए पढ़ते ही समझ में
तुम्हें चाँद और तारों की पड़ी है
हमें आती नहीं मिट्टी समझ में


जो तुम से देर तक बातें करेगा
नहीं आएगा वो जल्दी समझ में
किसी का आख़िरी ख़त पढ़ लिया है
नहीं आएगा अब कुछ भी समझ में


वही तो दास्ताँ रहती है ज़िंदा
कि जो आती नहीं पूरी समझ में
बदल कर रख दिया मंज़र ख़िज़ाँ ने
अभी आई ही थी तितली समझ में


20205 viewsghazalHindi