नमक ज़ख़्मों पे रक्खा है किसी ने

By shariq-ali-shariqJanuary 5, 2024
नमक ज़ख़्मों पे रक्खा है किसी ने
बनाया फिर पराया है किसी ने
मुसलसल हिचकियाँ बतला रही हैं
मिरे बारे में सोचा है किसी ने


मुझे ग़म दे के ख़ुशियाँ छीन लीं सब
किया ये काम अच्छा है किसी ने
दिलासा सब मुझे देते रहे पर
न मेरा दर्द समझा है किसी ने


परेशाँ-हाल क्यों इतने हो 'शारिक़'
दिया उल्फ़त में धोका है किसी ने
36638 viewsghazalHindi