नूर पैहम सफ़र में रहता है
By aalam-nizamiJanuary 18, 2024
नूर पैहम सफ़र में रहता है
उस का चेहरा नज़र में रहता है
उस से मंज़िल की अज़्मतें पूछो
जो मुसलसल सफ़र में रहता है
पा-ए-नाज़ुक सँभाल कर रखना
दिल तिरी रहगुज़र में रहता है
मुझ में ख़ामी तलाशने वाले
'ऐब तो हर बशर में रहता है
ख़ैरियत पूछी शुक्रिया वर्ना
कौन किस की ख़बर में रहता है
फ़ाएदा क्या लहू जलाने से
जब अंधेरा ही घर में रहता है
क्या करूँ ले के इस हवेली को
मेरा माज़ी खंडर में रहता है
वो बुलंदी को छू नहीं सकता
जो अगर और मगर में रहता है
उस का चेहरा नज़र में रहता है
उस से मंज़िल की अज़्मतें पूछो
जो मुसलसल सफ़र में रहता है
पा-ए-नाज़ुक सँभाल कर रखना
दिल तिरी रहगुज़र में रहता है
मुझ में ख़ामी तलाशने वाले
'ऐब तो हर बशर में रहता है
ख़ैरियत पूछी शुक्रिया वर्ना
कौन किस की ख़बर में रहता है
फ़ाएदा क्या लहू जलाने से
जब अंधेरा ही घर में रहता है
क्या करूँ ले के इस हवेली को
मेरा माज़ी खंडर में रहता है
वो बुलंदी को छू नहीं सकता
जो अगर और मगर में रहता है
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