पहले एहसास में उतार उसे
By fahmi-badayuniFebruary 5, 2024
पहले एहसास में उतार उसे
फिर ख़यालात से गुज़ार उसे
कोई अच्छी सी जॉब मिल जाती
हम भी करवाते इंतिज़ार उसे
अपनी नाराज़गी से डरता हूँ
कर तो सकता हूँ बे-क़रार उसे
ख़ुद को क़ैदी समझ रहा था वो
मैं ने होने दिया फ़रार उसे
सब पुराना डिलीट कर देंगे
फिर से लिक्खेंगे एक बार उसे
लौटा देती है वक़्त से पहले
कोई देता नहीं उधार उसे
आज तक उँगलियाँ महकती हैं
छूना चाहा था एक बार उसे
फिर ख़यालात से गुज़ार उसे
कोई अच्छी सी जॉब मिल जाती
हम भी करवाते इंतिज़ार उसे
अपनी नाराज़गी से डरता हूँ
कर तो सकता हूँ बे-क़रार उसे
ख़ुद को क़ैदी समझ रहा था वो
मैं ने होने दिया फ़रार उसे
सब पुराना डिलीट कर देंगे
फिर से लिक्खेंगे एक बार उसे
लौटा देती है वक़्त से पहले
कोई देता नहीं उधार उसे
आज तक उँगलियाँ महकती हैं
छूना चाहा था एक बार उसे
45191 viewsghazal • Hindi