पहले तो देखा आँख-भर उस ने

By surender-sagarJanuary 5, 2024
पहले तो देखा आँख-भर उस ने
फिर क़लम कर दिया था सर उस ने
सब्र करता तो छाया भी देता
जल्दी काटा है ये शजर उस ने


कुछ बचा भी नहीं गया भी नहीं
इस तरह लूटा मेरा घर उस ने
बोलने को अभी नहीं पल भी
की कभी बात रात-भर उस ने


जानता ही नहीं मुझे जैसे
फेर ली इस तरह नज़र उस ने
धर रहा है वो तोहमतें मुझ पर
पहले की थी अगर-मगर उस ने


मुझ पे इल्ज़ाम सौ लगा देखो
कर दिया मुझ को नामवर उस ने
बात करता है अपने मतलब से
कितना रक्खा है मुंतज़िर उस ने


जैसे कपड़े कोई बदलता है
ऐसे बदले हैं हम-सफ़र उस ने
तोलता है वो प्यार दौलत से
ख़ुद को तोला नहीं मगर उस ने


48886 viewsghazalHindi