क़ुसूर-वार है दिल बे-क़ुसूर थोड़ी है

By sonia-aks-sonamJanuary 5, 2024
क़ुसूर-वार है दिल बे-क़ुसूर थोड़ी है
कोई तुम्हारी तरह जी हुज़ूर थोड़ी है
निगाहें ढूँढती रहती हैं हर घड़ी जिस को
वो धड़कनों से किसी वक़्त दूर थोड़ी है


'अता किया है मोहब्बत ने जो तुम्हारी मुझे
किसी भी चीज़ में ऐसा सुरूर थोड़ी है
सितारे शम्स क़मर जुगनू सब तो हैं लेकिन
तुम्हारे बा'द इन आँखों में नूर थोड़ी है


मक़ाम क्या है मोहब्बत में हिज्र का 'सोनम'
इन 'अक़्ल वालों को इस का शु'ऊर थोड़ी है
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