रात उस को रुला दिया मैं ने
By fahmi-badayuniFebruary 5, 2024
रात उस को रुला दिया मैं ने
सब ग़मों का मज़ा लिया मैं ने
ज़िक्र कर के तिरी उदासी का
सारे फूलों को चुप किया मैं ने
एक दिन शा'इरी बता देगी
ख़ुद को तन्हा नहीं जिया मैं ने
ऐसी तरतीब दी सितारों को
आप का नाम लिख दिया मैं ने
क़ब्र लाइक़ ज़मीन मिल ही गई
'उम्र-भर कुछ नहीं किया मैं ने
वो दुबारा नज़र नहीं आया
जिस को तेरा पता दिया मैं ने
डूब कर मर गया समुंदर में
खारा पानी नहीं पिया मैं ने
सब ग़मों का मज़ा लिया मैं ने
ज़िक्र कर के तिरी उदासी का
सारे फूलों को चुप किया मैं ने
एक दिन शा'इरी बता देगी
ख़ुद को तन्हा नहीं जिया मैं ने
ऐसी तरतीब दी सितारों को
आप का नाम लिख दिया मैं ने
क़ब्र लाइक़ ज़मीन मिल ही गई
'उम्र-भर कुछ नहीं किया मैं ने
वो दुबारा नज़र नहीं आया
जिस को तेरा पता दिया मैं ने
डूब कर मर गया समुंदर में
खारा पानी नहीं पिया मैं ने
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