सब ठीक है कहने को मोहब्बत की कमी है

By wasim-nadirOctober 27, 2023
सब ठीक है कहने को मोहब्बत की कमी है
बिस्तर पे सलीक़े से कोई लाश पड़ी है
दीवार ही तोड़ेंगे तो बन पाएगा रस्ता
हम आके जहाँ रुक गए वो बंद गली है


इस शहर-ए-तकल्लुफ़ में ज़माना हुआ रहते
लगता है मगर जैसे हर इक चीज़ नई है
सब लोग जो हैरत से तुझे देख रहे हैं
सर तेरा बहुत छोटा है दस्तार बड़ी है


ये देखते हैं ज़ंग भी लग पाएगा कब तक
दीवार-ए-त'अल्लुक़ में नई कील गढ़ी है
11793 viewsghazalHindi