साँप भी बीन भी मदारी भी
By fahmi-badayuniFebruary 5, 2024
साँप भी बीन भी मदारी भी
हाए क्या बात है तुम्हारी भी
कैसे करते हो यार माइक पर
शा'इरी भी दुकान-दारी भी
हम वली तो नहीं ख़ुदा से मगर
जान-पहचान है हमारी भी
सिर्फ़ दिल का मु'आमला ही नहीं
'इश्क़ है एक ज़िम्मे-दारी भी
हार कर फूल तेरी ख़ुश्बू से
ढूँड लेते हैं रिश्तेदारी भी
वो जो पिछली क़तार में ख़ुश था
आ गई आज उस की बारी भी
हम कभी एक साथ करते थे
ख़ाकसारी भी शह-सवारी भी
आप ख़ामोशियाँ भी सुनते हैं
आह सुन लीजिए हमारी भी
हाए क्या बात है तुम्हारी भी
कैसे करते हो यार माइक पर
शा'इरी भी दुकान-दारी भी
हम वली तो नहीं ख़ुदा से मगर
जान-पहचान है हमारी भी
सिर्फ़ दिल का मु'आमला ही नहीं
'इश्क़ है एक ज़िम्मे-दारी भी
हार कर फूल तेरी ख़ुश्बू से
ढूँड लेते हैं रिश्तेदारी भी
वो जो पिछली क़तार में ख़ुश था
आ गई आज उस की बारी भी
हम कभी एक साथ करते थे
ख़ाकसारी भी शह-सवारी भी
आप ख़ामोशियाँ भी सुनते हैं
आह सुन लीजिए हमारी भी
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