तज्रबा ये हमें सिखाता है
By prashant-mishra-manSeptember 29, 2023
तज्रबा ये हमें सिखाता है
अच्छा हो या बुरा सब अच्छा है
ज़ीस्त और जिस्म का ये रिश्ता है
एक राजा है एक प्यादा है
धरती और आसमाँ नहीं मिलते
इन का मिलना नज़र का धोका है
आँख में सुर्ख़ कुछ लकीरें हैं
जो तिरे ग़म का साफ़ नक़्शा है
बा-ख़ुदा पढ़ के आँख रो देगी
महज़ मिसरा' नहीं ये नौहा है
अच्छा हो या बुरा सब अच्छा है
ज़ीस्त और जिस्म का ये रिश्ता है
एक राजा है एक प्यादा है
धरती और आसमाँ नहीं मिलते
इन का मिलना नज़र का धोका है
आँख में सुर्ख़ कुछ लकीरें हैं
जो तिरे ग़म का साफ़ नक़्शा है
बा-ख़ुदा पढ़ के आँख रो देगी
महज़ मिसरा' नहीं ये नौहा है
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