तालाब दरिया झील समुंदर नहीं हुए

By ankit-mauryaFebruary 5, 2024
तालाब दरिया झील समुंदर नहीं हुए
उस की निगाह-ए-नाज़ से बढ़ कर नहीं हुए
कब से ख़ुदा समझ के जिसे पूजते रहे
उस की नज़र के साए भी हम पर नहीं हुए


सर से न एक शख़्स का नश्शा उतर सका
सो हम नशे में धुत कभी पी कर नहीं हुए
जितने उदास हम तुझे खो कर हुए हैं आज
इतने तो ख़ुश कभी तुझे पा कर नहीं हुए


तू जिस तरफ़ भी जाए उधर चल पड़ेंगे दोस्त
हम तेरे साथ सोच समझ कर नहीं हुए
दुनिया तुली थी हम को बनाने पे देवता
पर हम किसी भी हाल में पत्थर नहीं हुए


17141 viewsghazalHindi