तेरे बग़ैर कोई गवारा नहीं किया
By shahbaz-choudharyJanuary 5, 2024
तेरे बग़ैर कोई गवारा नहीं किया
हम ने किसी से 'इश्क़ दुबारा नहीं किया
सूरज को मेरे नाम की परछाई खा गई
मैं ने दिया जला के गुज़ारा नहीं किया
था लौटने की सोच में ही हार का सबब
कश्ती जला के तुम ने किनारा नहीं किया
मैं डूबता रहा हूँ सफ़ीनों के आस-पास
लेकिन किसी भी सम्त इशारा नहीं किया
हम ने किसी से 'इश्क़ दुबारा नहीं किया
सूरज को मेरे नाम की परछाई खा गई
मैं ने दिया जला के गुज़ारा नहीं किया
था लौटने की सोच में ही हार का सबब
कश्ती जला के तुम ने किनारा नहीं किया
मैं डूबता रहा हूँ सफ़ीनों के आस-पास
लेकिन किसी भी सम्त इशारा नहीं किया
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