तू इस तरह से न कर लाल लाल आँखों को

By ishrat-sagheerOctober 27, 2023
तू इस तरह से न कर लाल लाल आँखों को
जो बात करनी हो आँखों में डाल आँखों को
हिसाब देना पड़ेगा उन्हें भी महशर में
अभी तो छूट मिली है ग़ज़ाल आँखों को


यही दु'आ है उन्हें यूँ रखे ख़ुदा महफ़ूज़
बुरी नज़र न लगे बे-मिसाल आँखों को
फिर इस के बा'द उसे होश ही नहीं रहता
जो देख लेता है ऐसी वबाल आँखों को


कोई जवाब मुझे फिर नहीं मिला उस का
बना के लाया सरासर सवाल आँखों को
बस एक नुस्ख़ा बताता हूँ कामयाबी का
कि चूम लेना उन्हीं नेक-फ़ाल आँखों को


अब ऐसे दौर में बीनाई भी अज़िय्यत है
मैं चाहता हूँ कि फेंकूँ निकाल आँखों को
फिर एक बार उसे देखने की चाहत है
मगर दुबारा कहाँ है मजाल आँखों को


किसी भी तरह से मुमकिन कहाँ है ये 'इशरत'
कि अश्क सूट करें ख़ुश-ख़िसाल आँखों को
81439 viewsghazalHindi